फिर, जब पवित्र महीने बीत जाऐं, तो ‘मुश्रिको’ (मूर्तिपूजको ) को जहाँ-कहीं पाओ कत्ल करो, और पकड़ो और उन्हें घेरो और हर घात की जगह उनकी ताक में बैठो। ( कुरान मजीद, सूरा 9, आयत 5) . http://www.quran.com/9/5 http://www.quranhindi.com/p260.htm
हे ‘ईमान’ लाने वालो (केवल एक आल्ला को मानने वालो ) ‘मुश्रिक’ (मूर्तिपूजक) नापाक (अपवित्र) हैं।” (कुरान सूरा 9, आयत 28)
http://www.quran.com/9/28 http://www.quranhindi.com/p265.htm
जिन लोगों ने हमारी ”आयतों” का इन्कार किया (इस्लाम व कुरान को मानने से इंकार) , उन्हें हम जल्द अग्नि में झोंक देंगे। जब उनकी खालें पक जाएंगी तो हम उन्हें दूसरी खालों से बदल देंगे ताकि वे यातना का रसास्वादन कर लें। निःसन्देह अल्लाह प्रभुत्वशाली तत्वदर्शी हैं” (कुरान सूरा 4, आयत 56) http://www.quran.com/4/56
अल्लाह ‘काफिर’ लोगों को मार्ग नहीं दिखाता” (कुरान सूरा 9, आयत 37) .
http://www.quran.com/9/37
Indeed, Allah has cursed the disbelievers and prepared for them a Blaze.
. http://www.quran.com/33/61
हे नबी! ‘काफिरों’ और ‘मुनाफिकों’ के साथ जिहाद करो, और उन पर सखती करो और उनका ठिकाना ‘जहन्नम’ है, और बुरी जगह है जहाँ पहुँचे
http://www.quran.com/66/9 http://www.quranhindi.com/p785.htm
सवाल यह उठता है की जिस मजहब के ग्रन्थ मे यह सब लिखा हो उस मजहब के लोग गंगा जमुनी तहजीब व् भाईचारे की बात किस मुँह से करते है?
sir inke javab dijiye. kuran se me esi 500 aayte nikal kar de skta hu jo danga, antankvad , or jihad ki mul karn hai. ek aayt me ye dikha do ki kisi ko marna insaniyt ke khilaph hai. to dusri trph antkvadi ayte bhari padi hai. hadiso me apke mohmad sahb ki sari blatkar ki khaniya bhari padi hai. aap kho to me apko vo sari bat hdiso se refrence deke bta skta hai.
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